Dekho Dantewada Bike Trial: दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ का एक ऐसा जिला है जो अपनी अनछुई प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, बहती नदियों और प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। बस्तर क्षेत्र में स्थित यह जिला आदिवासी संस्कृति का जीवंत केंद्र है, जहां मुरिया और दंतेवाड़ा मरिया जनजातियां अपनी अनूठी परंपराओं को संजोए हुए हैं। यहां की हरी-भरी पहाड़ियां, जलप्रपात और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों को लुभाते हैं। हाल के वर्षों में, दंतेवाड़ा ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, और अब ‘देखो दंतेवाड़ा बाइक ट्रायल’ इसकी सबसे रोमांचक कड़ी साबित हो रहा है। यह आयोजन न केवल साहसिक यात्रा का माध्यम बनेगा, बल्कि जिले की अनूठी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा।
‘देखो दंतेवाड़ा बाइक ट्रायल’
13 से 16 सितंबर 2025 तक होने वाले इस चार दिवसीय ‘देखो दंतेवाड़ा बाइक ट्रायल’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा के नेतृत्व में आयोजित यह इवेंट प्रदेशभर से 120 बाइकर्स को आमंत्रित करेगा। ये साहसी यात्री दंतेवाड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे, जहां वे बाइक की रफ्तार के साथ प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागी अपने अनुभवों को वीडियो, फोटो और रील्स के माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा करेंगे, जिससे जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर देशभर में वायरल हो जाएगी।

यह आयोजन पर्यटन और रोमांच का अनूठा संगम है। दंतेवाड़ा की खूबसूरती, जो अब तक सीमित लोगों तक ही सीमित थी, अब बाइकर्स के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचेगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आदिवासी कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक नृत्यों को भी प्रमोट किया जाएगा, ताकि पर्यटक यहां की सांस्कृतिक गहराई को समझ सकें।
दंतेवाड़ा की सैर पर बाइकर्स का सफर
‘देखो दंतेवाड़ा बाइक ट्रायल’ का रूट विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जो जिले के प्रमुख आकर्षणों को कवर करता है। यह लगभग 200-250 किलोमीटर लंबा रूट होगा, जिसमें ऑफ-रोड ट्रेल्स, पहाड़ी रास्ते और जंगली पथ शामिल हैं। बाइकर्स को चुनौतीपूर्ण लेकिन सुरक्षित मार्ग मिलेगा, जहां वे बाइक ट्रायल की थ्रिल को जी सकेंगे। रूट की शुरुआत दंतेवाड़ा शहर से होगी और समापन भी यहीं पर, लेकिन बीच में कई अनोखे पड़ाव होंगे।
पहला चरण: दंतेवाड़ा से बैलाडिला की ओर
Dekho Dantewada Bike Trial: रूट का पहला चरण दंतेवाड़ा शहर से शुरू होगा, जहां बाइकर्स मां दंतेश्वरी मंदिर का दर्शन करेंगे। यह 52 शक्तिपीठों में से एक है, जहां मां सती के दांत गिरे थे। प्राचीन द्रविड़ शैली का यह मंदिर आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है। यहां से रूट बैलाडिला पर्वत श्रृंखलाओं की ओर मुड़ेगा, जो दुनिया के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडार के लिए प्रसिद्ध हैं। लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद, बाइकर्स भोगम और फरसपाल गांवों से गुजरेंगे। यहां घने जंगलों के बीच ऑफ-रोड ट्रायल शुरू होगा, जहां ऊंचे-नीचे रास्ते बाइकर्स की स्किल्स की परीक्षा लेंगे। बैलाडिला की चोटियां 3000 फीट ऊंची हैं, और यहां से दिखने वाला नजारा अविस्मरणीय होगा। धोलकल गणेश मंदिर, जो पहाड़ी पर स्थित है, एक प्रमुख पड़ाव होगा। यह प्राचीन गुफा मंदिर ट्रेकिंग और बाइकिंग के लिए आदर्श है।

मध्य चरण: जंगल और जलप्रपातों की सैर
रूट का मध्य भाग जंगलों और नदियों से होकर गुजरेगा। बाइकर्स इंद्रावती नदी के किनारे सात धार जलप्रपात (बोधघाट सत धार) पहुंचेंगे, जो बरसूर से मात्र 6 किलोमीटर दूर है। यहां नदी सात धाराओं में बंट जाती है, और घने हरे जंगलों के बीच यह स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में लोकप्रिय है। बाइक ट्रायल के लिए यह रूट चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि रास्ते कीचड़ भरे और पहाड़ी हो सकते हैं। आगे, फुलपाड़ एडवेंचर स्पॉट आएगा, जहां ट्रेकिंग और नेचर वॉक की सुविधा है। यहां बाइकर्स स्थानीय आदिवासी समुदायों से मिल सकेंगे, जो अपनी पारंपरिक जीवनशैली से रूबरू कराएंगे।

किरंदुल और बacheली क्षेत्रों से गुजरते हुए, रूट कटेकोटा जलप्रपात की ओर बढ़ेगा। यह छिपा हुआ जलप्रपात बाइकर्स के लिए सरप्राइज पैकेज होगा, जहां वे पानी की धाराओं के बीच रेस्ट लेंगे। इन स्थलों पर रोमांच के साथ-साथ फोटोग्राफी के अवसर भी प्रचुर होंगे। प्रतिभागी रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे, जिससे दंतेवाड़ा की जैव विविधता—हाथी, तेंदुआ और दुर्लभ पक्षियों—को प्रमोट होगा।
समापन: सांस्कृतिक धरोहर का आलिंगन
रूट का अंतिम चरण बस्तर की ओर ले जाएगा, जहां बाइकर्स चित्रकोट जलप्रपात (जगदलपुर के पास) का भ्रमण करेंगे। हालांकि यह दंतेवाड़ा से थोड़ा बाहर है, लेकिन रूट का हिस्सा बनाकर जिले की सीमाओं को जोड़ा गया है। यहां से लौटते हुए, मामा-भांजा मंदिर और चित्रकोट का रास्ता रोमांचक होगा। समापन दंतेवाड़ा शहर में होगा, जहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। आदिवासी नृत्य, संगीत और स्थानीय व्यंजनों से बाइकर्स का स्वागत होगा।

Dekho Dantewada Bike Trial: पर्यटन और रोमांच का संगम
यह बाइक ट्रायल दंतेवाड़ा को एक नई पहचान देगा। इंद्रावती नेशनल पार्क, जहां दुर्लभ जंगली भैंसें पाई जाती हैं, को भी रूट में शामिल किया जा सकता है। बाइकर्स के अनुभव सोशल मीडिया पर वायरल होंगे, जिससे युवा पर्यटक यहां खिंचे चले आएंगे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें मेडिकल टीम और गाइड शामिल हैं। यह आयोजन आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाएगा, क्योंकि वे स्थानीय गाइड के रूप में योगदान देंगे।
दंतेवाड़ा की प्राकृतिक सुंदरता—जलप्रपातों की कलकल, जंगलों की हरियाली और मंदिरों की आध्यात्मिकता—अब बाइक की स्पीड से देशभर में फैलेगी। यह न केवल पर्यटन बढ़ाएगा, बल्कि सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करेगा। यदि आप साहसिक यात्रा के शौकीन हैं, तो इस ट्रायल में भाग लें और दंतेवाड़ा की अनकही कहानी को जीएं।

