Bhagirathpura contaminated water crisis: इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी का खौफ अभी भी बरकरार है। भले की मौतों का आंकड़ा बढ़ना रुक गया हो लेकिन फिर भी लोग डरे हुए है। इस दूषित पानी के कारण 20 लोगों की मौत हुई। सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
नगर निगम की गाड़ियां कर रही मुनादी
ICU में 10 से 15 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। नगर निगम की गाड़ियां लगातार मुनादी कर रही है कि पानी को छानकर, उबालकर इस्तेमाल करें। वहीं कई लोगों की स्थिति को देखते हुए राशन सामग्री बांटी गई। इलाके में नल और बोरिंग का पानी बंद कर दिया गया है। ऐसे में टैंकर पहुंचाएं जा रहे है।
इसके अलावा भागीरथपुरा में ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा है। चेक किया जा रहा है कि कहां-कहां लीकेज है।

Bhagirathpura contaminated water crisis: मलेरिया विभाग टीम ने किया दौरा
मलेरिया विभाग की टीम ने पूरे भागीरथपुरा का दौरा किया। टीम ने देखा कि कहीं बहुत दिनों से पानी तो इकट्ठा नहीं है। टीम ने रहवासियों को समझाइश दी कि वह पीने का पानी बहुत दिनों तक इकट्ठा ना रखें, और उसे ढंक कर रखें। इधर, नगर निगम की गाड़ियों से लगातार इलाके में मुनादी कराई जा रही है।
जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज
Bhagirathpura contaminated water crisis: इधर, भागीरथपुरा निवासी रामू सिंह ने दूषित पानी से मौतों के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए नया केस लगाया गया है। उनके वकील ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि 2 साल से भागीरथपुरा के लोग गंदा पानी पी रहे हैं। 2024 में एक युवती की दूषित पानी पीने से मौत हो गई थी। इसके बाद यहां नर्मदा पाइप लाइन बदलने की नोटशीट जारी की गई थी। लेकिन टेंडर पास नहीं हुआ।

