मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक एक ऐसा स्थान है, जिसे न केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है।

Amarkantak news: “अमरता की चोटी”
यह स्थल सतपुड़ा और विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के संगम पर स्थित है और लगभग 1065 मीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है। अमरकंटक का नाम संस्कृत शब्द “अमरकंटक” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “अमरता की चोटी”।
जोहिला नदियां भी अपनी यात्रा शुरू करती हैं

यह स्थल भारत की प्रसिद्ध नदी नर्मदा का उद्गम स्थल भी है। यहाँ से न केवल नर्मदा नदी निकलती है, बल्कि सोन और जोहिला नदियां भी अपनी यात्रा शुरू करती हैं।
इसलिए अमरकंटक को भूगोलिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां के घने जंगल, झरने और दुर्लभ औषधीय पौधे इसे पर्यावरण और पर्यटन के लिहाज से भी खास बनाते हैं।
पांडवों ने अपने वनवास के समय तपस्या की थी
अमरकंटक का धार्मिक महत्व भी अत्यंत प्राचीन है। पुराणों, महाभारत और रामायण में इसका उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि यहां पांडवों ने अपने वनवास के समय तपस्या की थी।
पूर्ण करना मोक्ष प्राप्त करने के बराबर

यहां कई प्राचीन मंदिर हैं जैसे नर्मदा उद्गम मंदिर, कर्ण मंदिर और कपिलधारा जलप्रपात। नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत भी यहीं से होती है, जिसे पूर्ण करना मोक्ष प्राप्त करने के बराबर माना जाता है।
Amarkantak news: प्रमुख तीर्थों में से एक भी माना जाता
अमरकंटक वह स्थल है जहां धर्म, प्रकृति और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह न केवल नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है, बल्कि भारत के प्रमुख तीर्थों में से एक भी माना जाता है।

