Nandkeshwar Mahadev Mandir: मध्य प्रदेश में वैसे तो कई मंदिर है। ऐसे में संस्कारधानी जबलपुर में बरगी बांध के पास एक नंदिकेश्वर महादेव का मंदिर है, जो कि पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर के निर्माण की बहुत रोचक कहानी है कहा जाता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है, जो की पहले नर्मदा नदी के बरगी बांध में डूब गया था, जिसकी वजह से सिंचाई विभाग की परियोजना में कई समस्याओं का समना करना पड़ रहा था, फिर इसके बाद जब अधिकारियों ने जांच की तो पानी के अंदर प्रतिमाएं मिली, उन प्रतिमाओं को नदी से बाहर निकाला गया और फिर ग्वाला टेकरी पर इस नए मंदिर में स्थापित किया गया। और अब मंदिर के रख- रखाव की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के पास ही है।

स्वंय प्रकट हुए थे नंदिकेश्वर महादेव
स्थानीय लोग बताते हैं कि, यहां नर्मदा नदी के किनारे नंदी महाराज ने तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ प्रकट हुए। फिर मां गंगा और मां नर्मदा ने भोलेनाथ से नर्मदा तट पर ही स्थापित होने की प्रार्थना की। इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए भगवान भोलेनाथ नर्मदा तट के ग्राम भिड़की में स्थित नंदकेश्वर घाट पर ही विराजमान हो गए। इसके बाद जब बरगी बांध में पानी भरना शुरू हुआ। तब नंदकेश्वर घाट से भगवान शिव की पिंडी लाकर बरगी बांध के सामने वाली पहाड़ी पर संगमरमर से बने भव्य मंदिर में स्थापित किया गया।

पुराणों में भी है इस मंदिर का उल्लेख
साल 1982 में नंदकेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था, जोकि साल 1994 में बनकर तैयार हुआ था। इस मंदिर को पुरानी मंदिर की शैली में ही बनवाया गया था, जिसमें एक बड़ी गुंबद और दो छोटी गुंबद है। यह मंदिर ऊंचाई पर बना हुआ , जिसकी वजह से यहां से बरगी बांध का बहुत खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है।

कहा जाता है कि “इस मंदिर के बारे में 6 पुराणों में भी उल्लेख है और धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो गौ हत्या और ब्रह्महत्या के दोष के निवारण की पूजा नंदिकेश्वर महादेव मंदिर में होती है.”
इस मंदिर में होती है मनोकामनाएं पूरी
संस्कारधानी जबलपुर के नन्दकेश्वर महादेव मंदिर में भक्त दूर – दूर से दर्शन करने आते है। कहते हैं कि, यहां आने से भक्तों की हर मनोकामना को नंदकेश्वर महादेव पूरी करते है। स्थानीय लोगों का मानना है कि- नन्दकेश्वर महादेव की इस स्थान पर कृपा है। इस वजह से यहां कभी कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बरगी बांध के पास रहने वाले शिव भक्तों का कहना है कि- नन्द केश्वर महादेव ही हमारे रक्षक हैं।

