मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित जामवंत गुफा पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थल है। यह गुफा बरेली तहसील के ग्राम जामगढ़‑भगदेई के पास विंध्याचल पर्वत की तलहटी में स्थित है..

Jambwantcave: एक कठिन, ऊंची चढ़ाई करनी पड़ती है
गुफा तक पहुंचने के लिए एक कठिन, ऊंची चढ़ाई करनी पड़ती है… कलेक्टर अरविंद दुबे ने भी करीब 1500 मीटर की चढ़ाई कर इस स्थान का दौरा किया है।
श्रीकृष्ण के बीच 27 दिन तक युद्ध भी हुआ

पौराणिक लोककथाओं के अनुसार, त्रेता और द्वापर युग में जामवंत (Jambavan) और उनके भाई रीछडमल ने यहीं लीलाएं की थीं। गायन‑धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि इस गुफा में जामवंत और भगवान श्रीकृष्ण के बीच 27 दिन तक युद्ध भी हुआ था।
बल्कि ऐतिहासिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र
गुफा के आसपास पुरातात्विक धरोहरें भी मौजूद हैं… बिखरी हुई प्राचीन मूर्तियाँ, पत्थर के अवशेष, और त्रेता‑युगीन शिवालय जैसी संरचनाएँ संकेत देती हैं कि यह सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।
Jambwantcave: इसे “तिल गणेश” कहा जाता है

विशेष रूप से, यहां एक चमत्कारी तिल गणेश की मूर्ति है, जिसे माना जाता है कि जामवंत जी ने स्थापित किया था। कहा जाता है कि यह प्रतिमा हर साल बहुत ही अल्प‑मात्रा (तिल के बराबर) बढ़ती है, इसलिए इसे “तिल गणेश” कहा जाता है।
प्राचीन स्थानों की खोज करने का मौका मिलता

यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटन और रोमांच प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.. ऊंची पहाड़ियों, जंगली रास्तों और प्राचीन स्थानों की खोज करने का मौका मिलता है।
Jambwantcave: कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश की जामवंत गुफा धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातत्वीय दृष्टि से बेहद समृद्ध स्थल है, जहाँ पौराणिक कथाएँ और प्राचीन धरोहरें एक साथ मौजूद होती हैं।

