Khajrana Ganesh Temple: भगवान गणेश की महिमा अपरंपार है.. सनातन शास्त्रों में भगवान गणेश की लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन है… अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं…
साथ ही आय और सौभाग्य में वृद्धि होती है… भगवान गणेश को कई नामों से जाना जाता है। इनमें एक नाम विघ्नहर्ता है… इस नाम का आशय विघ्न और बाधा दूर करने से है। देश के हर कोने में भगवान गणेश का मंदिर हैं…
इनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है

इनमें कई मंदिर विश्व विख्यात हैं। इनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है। लेकिन क्या आपको पता है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसा मंदिर है,
जहां मनोकामना पूर्ति के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है? ऐसा मानना है कि मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाने से लोगों की मनोकामना पूरी होती है। आइए, इस मंदिर के बारे में जानते हैं…
खजराना गणेश मंदिर का निर्माण

इतिहास के पन्नों के पलटने से पता चलता है कि खजराना गणेश मंदिर का निर्माण (Khajrana Ganesh Mandir History) रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। अगर वर्ष की बात की जाए, तो 1735 में मंदिर का निर्माण कर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी…
मां गंगा की भी प्रतिमा…

इस मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है, जो राम भक्त हनुमान जी की तरह पूर्ण लाल है… ऐसा भी कहा जाता है कि प्रतिमा सिंदूर से निर्मित है। इस मंदिर में जगत जननी मां दुर्गा, शिवलिंग, हनुमान जी, मां लक्ष्मी का मंदिर भी है। इसके अलावा, मां गंगा की भी प्रतिमा है..
इसमें मां गंगा मगरमच्छ पर सवार हैं… स्थानीय लोगों की गणेश मंदिर के प्रति अटूट श्रद्धा है… बड़ी संख्या में भक्तगण हर बुधवार और रविवार को दर्शन और पूजा के लिए आते हैं… इसके अलावा, गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है…
दीवार चांदी से निर्मित है..

Khajrana Ganesh Temple: धार्मिक मान्यता है कि खजराना गणेश मंदिर में मुंह मांगी मनोकामना पूरी होती है… देश-विदेश से भक्त मनोकामना पूर्ति हेतु खजराना गणेश मंदिर आते हैं…
इस समय विधि-विधान से भगवान गणेश समेत सभी देवी-देवताओं की पूजा करते हैं.. इसके पश्चात मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। यह दीवार चांदी से निर्मित है।
मंदिर की दीवार पर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं
Khajrana Ganesh Temple: इस समय भक्त अपनी इच्छा मन ही मन भगवान गणेश से प्रकट करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि उल्टा स्वास्तिक बनाने के बाद चंद दिनों में साधक की मनोकामना पूर्ण हो जाती है।
एक बार मनोकामना पूर्ण होने के बाद साधक पुनः खजराना गणेश मंदिर जाकर प्रभु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद मंदिर की दीवार पर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।
कहां है मंदिर ?
मध्य प्रदेश स्थित इंदौर के विजयनगर में खजराना चौक पर भगवान गणेश का प्राचीन मंदिर है।
खजराना चौक पर स्थित होने के चलते यह खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Mandir) के नाम से प्रसिद्ध है मंदिर के बारे में इतिहासकारों का कहना है कि यह मंदिर 300 साल पुराना है…
श्रद्धालु रेल और हवाई मार्ग के जरिए इंदौर पहुंच सकते हैं। इंदौर से सड़क मार्ग के जरिए भक्त खजराना मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर के आसपास सभी चीजों के लिए उत्तम व्यवस्था है।
भट्ट परिवार की 13-14 पीढ़ियां करती हैं प्रबंधन
खजराना गणेश मंदिर का निर्माण रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में किया था, जब उन्हें एक सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए और उन्होंने एक प्राचीन कुएं से स्वयंभू गणेश की मूर्ति निकालने का आदेश दिया.
यह मूर्ति औरंगजेब से बचाने के लिए पहले छिपाई गई थी. मंदिर का प्रबंधन आज भी भट्ट परिवार की 13-14 पीढ़ियां करती हैं,
और यहां मनोकामना पूरी होने पर भक्त दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और मनोकामना पूरी होने पर उसे सीधा करते हैं.
मनोकामना पूरी होने पर उसे सीधा करते हैं
खजराना गणेश मंदिर का निर्माण रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में किया था, जब उन्हें एक सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए और उन्होंने एक प्राचीन कुएं से स्वयंभू गणेश की मूर्ति निकालने का आदेश दिया.
यह मूर्ति औरंगजेब से बचाने के लिए पहले छिपाई गई थी. मंदिर का प्रबंधन आज भी भट्ट परिवार की 13-14 पीढ़ियां करती हैं,
और यहां मनोकामना पूरी होने पर भक्त दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और मनोकामना पूरी होने पर उसे सीधा करते हैं.

