CG Professor Recruitment: छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास हो रहा है। सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है, जो पिछले 16 वर्षों में केवल तीसरी बार हो रही है। राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। वर्तमान में सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 2 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। वित्त विभाग ने हाल ही में 700 पदों के लिए भर्ती प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें से अधिकांश पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए हैं। यह निर्णय राज्य सरकार की शिक्षा को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, इन 700 पदों में 625 पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि शेष पद अन्य पदों जैसे क्रीड़ा अधिकारी और लाइब्रेरियन के लिए हैं।
इस भर्ती से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी, बल्कि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है, जबकि वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा है कि सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ समय में चार से अधिक विभागों में बड़ी संख्या में भर्तियां की गई हैं, जो राज्य के विकास को गति प्रदान कर रही हैं।
भर्ती की आवश्यकता
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की स्थिति को देखते हुए असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। राज्य के सरकारी कॉलेजों में कुल मिलाकर 2000 से ज्यादा पद खाली हैं, जो शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। कई कॉलेजों में एक ही शिक्षक कई विषयों को संभाल रहे हैं, जिससे छात्रों का अध्ययन प्रभावित होता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में यह समस्या अधिक गंभीर है। पिछले 16 वर्षों में केवल दो बार ऐसी भर्तियां हुई हैं, जिससे पदों की कमी लगातार बढ़ती गई।
CG Professor Recruitment: वित्त विभाग की मंजूरी
वित्त विभाग की मंजूरी के बाद अब शिक्षा विभाग इस महीने के अंत तक विस्तृत प्रस्ताव भेजेगा, जिसमें प्रत्येक पद पर कितनी भर्तियां होंगी, इसका विवरण होगा। यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के माध्यम से पूरी की जाएगी। उम्मीदवारों को योग्यता परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा। इस भर्ती से न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली में नई ऊर्जा आएगी।

पदों का वितरण
700 पदों की इस भर्ती में सबसे अधिक ध्यान असिस्टेंट प्रोफेसरों पर है। कुल 625 पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए हैं, जिनमें विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कॉमर्स विषय में सबसे ज्यादा करीब 250 पद खाली हैं, जो इस भर्ती में भरे जाएंगे। कॉमर्स जैसे व्यावसायिक विषयों में शिक्षकों की कमी से छात्रों को बाजार-उन्मुख शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

भर्ती प्रक्रिया का विवरण
भर्ती प्रक्रिया इस महीने के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसमें पदों की संख्या, योग्यता मानदंड, आयु सीमा और आरक्षण नीति का उल्लेख होगा। छत्तीसगढ़ में एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण लागू होगा। आवेदन ऑनलाइन मोड में लिए जाएंगे, और परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी।
पिछली भर्तियों की तुलना में इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीदवारों को यूजीसी नेट या समकक्ष योग्यता की आवश्यकता होगी। साक्षात्कार में अकादमिक प्रदर्शन और शिक्षण अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
CG Professor Recruitment: पहले कब हुई भर्तियां
छत्तीसगढ़ में असिस्टेंट प्रोफेसरों की पिछली भर्तियां सीमित रही हैं। राज्य के गठन के बाद पहली बड़ी भर्ती 2009 में हुई थी, जब सैकड़ों पदों पर नियुक्तियां की गईं। उसके बाद 2014-2015 में दूसरी भर्ती हुई, जिसमें इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निकों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर और लेक्चरर भर्ती किए गए। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2015 में असिस्टेंट प्रोफेसर (इंजीनियरिंग कॉलेज) और लेक्चरर (पॉलिटेक्निक) के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
इसके बाद लंबे समय तक कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई, जिससे पदों की कमी बढ़ती गई। 2025 में मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,384 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती की घोषणा हुई, लेकिन सामान्य सरकारी कॉलेजों के लिए यह तीसरी बार है। उच्च न्यायालय ने हाल ही में मेडिकल प्रोफेसरों की डायरेक्ट भर्ती को रद्द किया, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया गया।
सरकार की अन्य भर्तियां और दावे
सरकार का दावा है कि शिक्षा सहित चार से अधिक विभागों में बड़ी भर्तियां की गई हैं। हाल ही में 5,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई, जो स्कूल शिक्षा को मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण की नींव है, और राज्य सरकार इस पर फोकस कर रही है। अप्रैल 2025 में उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर लाने की बात कही।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। हितावदा अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 700 पदों की मंजूरी इसी दिशा में एक कदम है। अन्य विभागों जैसे स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासन में भी भर्तियां हो रही हैं, जो राज्य के युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस भर्ती को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, “यह भर्ती उच्च शिक्षा को नई दिशा देगी। पिछले 16 वर्षों में तीसरी बार हो रही यह प्रक्रिया राज्य के युवा शिक्षकों को अवसर प्रदान करेगी। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के कॉलेज राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनें।” उनके इस बयान से शिक्षाविदों में उत्साह है।

शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
CG Professor Recruitment: वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा, “सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। 700 पदों की मंजूरी से कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। हम अन्य विभागों में भी भर्तियां कर रहे हैं, जो राज्य के विकास को गति देंगे।” उनका यह बयान सरकार की नीति को स्पष्ट करता है।

