Bhopal politics: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का चौक बाजार न सिर्फ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी खास पहचान रखता है। इस मोहल्ले को अक्सर “सांसदों का मोहल्ला” कहा जाता है, और इसकी वजह है यहां से निकले कई कद्दावर नेता जिन्होंने लोकसभा में भोपाल का प्रतिनिधित्व किया।
Bhopal politics: भोपाल का चौक बाजार

सबसे पहले बात करते हैं मैमूना सुल्ताना की, जो 1957 और 1962 में भोपाल से सांसद बनीं। इसी चौक बाजार से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शंकर दयाल शर्मा 1971 में भोपाल से सांसद बने। वे आगे चलकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, देश के उपराष्ट्रपति और फिर राष्ट्रपति के पद तक पहुंचे।
Bhopal politics: भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया है।

1984 में इसी मोहल्ले से के.एन. प्रधान भोपाल के सांसद चुने गए। अब 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर चौक बाजार चर्चा में है क्योंकि बीजेपी ने यहां के ही निवासी आलोक शर्मा को भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया है।
Bhopal politics: मुस्लिम संस्कृतियां साथ रहती हैं।
आलोक शर्मा का कहना है कि “अगर असली भोपाल है, तो वो चौक बाजार है”, जिसे लोग “पुराना भोपाल” भी कहते हैं। वे कहते हैं कि उन्होंने हमेशा चौक के विकास के लिए काम किया है और सांसद बनने के बाद भी इसी पर फोकस करेंगे। उनका मानना है कि चौक बाजार गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है, जहां हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियां साथ रहती हैं।
Bhopal politics: बल्कि इसकी सांस्कृतिक विविधता भी इसे खास बनाती
स्थानीय व्यापारी और आलोक शर्मा के मित्र सुनील पारेख बताते हैं कि उनका पारेख परिवार चौक में करीब 300 सालों से बसा है और भोपाली बटुए का निर्माण करता है। उनका कहना है कि चौक बाजार की पहचान न सिर्फ राजनीति से है बल्कि इसकी सांस्कृतिक विविधता भी इसे खास बनाती है।
Bhopal politics: भोपाल के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया

पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के छोटे भाई आज भी इसी मोहल्ले में रहते हैं और लोगों का इलाज करते हैं। उनका भी मानना है कि चौक से निकले नेताओं ने भोपाल के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राजनीति की शुरुआत की

Bhopal politics: आलोक शर्मा के पिता गौरीशंकर शर्मा, जो अब 85 वर्ष के हैं, बताते हैं कि यह चौक राजा भोज द्वारा बसाया गया था और इसकी बनावट स्वास्तिक के आकार की है। वे कहते हैं कि “जितने भी सांसद चौक से हुए, उन्होंने यहीं से राजनीति की शुरुआत की।”
और शायद आगे भी निभाएगा
इतिहास और वर्तमान को देखते हुए कहा जा सकता है कि चौक बाजार न केवल भोपाल की आत्मा है, बल्कि देश की सियासत में एक अहम किरदार भी निभाता आ रहा है… और शायद आगे भी निभाएगा।

