School chale hum: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के टीटी नगर स्थित मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में “स्कूल चलें हम” अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ किया।इसके साथ ही कार्यक्रम में विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण किए गए।

जनसम्पर्क अधिकारी अखिल परस्ते ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने किये विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप सहायता दी जा रही है। स्कूटी योजना एवं साइकिल वितरण योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे “स्कूल चलें हम” अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सैकेण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं।
School chale hum: राज्य स्तरीय आयोजन
“स्कूल चलें हम” अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
School chale hum: भविष्य से भेंट कार्यक्रम
“स्कूल चलें हम” अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं।
सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ
“स्कूल चलें हम” अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा।
हार के आगे जीत
“स्कूल चलें हम” अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।

