Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण के दिन मंगलवार 3 मार्च को लगने वाला है। यह ग्रहण फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पड़ेगा। ज्योतिष के मुताबिक, पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा पर पड़ेगी तो चंद्र ग्रहण पड़ता है।
आइए जानते हैं कब और कितने बजे पड़ेगा चंद्रग्रहण?
कब है चंद्र ग्रहण और सूतक काल?
पंचांग के मुताबिक, चंद्र ग्रहण की शुरुआत 3 मार्च को दोपहर 3:21 बजे पर शुरु होगा। वहीं शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरु हो जाएगा।

इस दौरान कोई भी शुभ काम करने से बचना चाहिए। इस दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों को स्थगित कर देना चाहिए।
कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया, ऑस्ट्रेलिया एवं अफ्रीका में भी नजर आएगा। यह ग्रहण अधिकांश उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा प्रशांत महासागर में नहीं नजर आएगा। जिन स्थानों पर चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा वहां पर सूतक मान्य नहीं होगा।
ग्रहण के दौरान करें ये काम
- जब चंद्र ग्रहण हो तो घर में शांति बनाए रखें और भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- ग्रहण के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे घर में निगेटिविटी नहीं आती। घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
- चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना, घर की सफाई करना और जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण के दौरान भोजन के सामान में तुलसी के पत्ते डालकर रखें। माना जाता है ऐसा करने से वस्तुएं दूषित नहीं होतीं।

क्या न करें?
- सूतक और चंद्र ग्रहण के समय किसी भी शुभ काम को नहीं करना चाहिए।
- इस दौरान मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन से बचना चाहिए।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान चांद की किरणें अशुद्ध हो जाती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
- गर्भवती महिला को भूलकर भी बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस दौरान न ही कोई नुकीली वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए।
- ग्रहण काल के समय खाना पकाना और खाना भी नहीं खाना चाहिए। इस समय भगवान की मूर्तियों को छूना नहीं चाहिए और ग्रहण काल में पूजा-पाठ रोक देना चाहिए ।

